प्राधिकरण ने ब्लॉकचेन में दर्ज रिकॉर्ड को मुख्य दस्तावेजों के समान माना है, बिना कागजी प्रतियाँ बनाने की आवश्यकता के। प्रमुख परिवर्तन — "डायरेक्ट-टू-फंड" (D2F) मॉडल है, जिसमें निवेशक का प्रतिपक्षी स्वयं फंड या डिपॉजिटरी होता है, न कि प्रबंधक। लेनदेन एक चरण में होता है: शेयरों का जारी या विमोचन सीधे उन धनराशियों के जरिये किया जाता है, जो निवेशक और फंड के बीच स्थानांतरित होती हैं। इससे काम की दक्षता बढ़ती है और वितरित रजिस्टर (DLT) में निपटारे को सरल बनाती है। फंडों को सार्वजनिक नेटवर्क का उपयोग करने और निवेशकों के अधिकारों को सुरक्षित रखते हुए कई ब्लॉकचेन में शेयर जारी करने की अनुमति भी दी गई है। यह तंत्र पहले से ही यूनाइटेड किंगडम में पहले टोकनयुक्त उद्यमों के प्राधिकरण के लिए लागू किया जा चुका है।