ईसीबी कार्यकारी बोर्ड के सदस्य पिएरो चिपोलोने ने कहा कि केवल लेन-देन में शामिल बैंक ही ग्राहकों की पहचान कर सकेंगे। ये प्रतिबंध धन शोधन-रोधी उपायों पर भी लागू होते हैं। यूरोसिस्टम किसी विशिष्ट व्यक्ति को डिजिटल यूरो में किए गए भुगतानों से सीधे नहीं जोड़ सकेगा। वहीं, CBDC के ऑफ़लाइन लेन-देन में भुगतान संबंधी जानकारी केवल भुगतानकर्ता और प्राप्तकर्ता के लिए उपलब्ध होगी।
इस तरह ईसीबी CBDC लॉन्च के विरोधियों की उन चिंताओं को कम कर रहा है कि इससे लोगों के लेन-देन पर राज्य का नियंत्रण अत्यधिक बढ़ जाएगा। ये नए प्रावधान जानकारी तक पहुँच में ईसीबी की भूमिका को सीमित करते हैं, जिससे यह पारंपरिक भुगतान साधनों जैसी हो जाती है। आवश्यक विधायी कदमों के पारित होने की शर्त पर डिजिटल यूरो को 2029 के मध्य में शुरू किया जा सकता है।